पटना AIIMS बनेगा COVID अस्पताल, संक्रमित मरीजों के लिए होंगे 500 बेड

Patna AIIMS
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पटना AIIMS जल्द ही कोरोना डेडिकेटेड अस्पताल में तब्दील हो जाएगा. यहां सिर्फ कोरोना संक्रमित मरीजों की जांच और इलाज होगा. अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए अब 50 की बजाय 500 बेड उपलब्ध होंगे. अस्पताल प्रशासन इसकी तैयारी पूरी कर चुका है. अगले तीन से चार दिनों में इसकी घोषणा भी हो जाएगी. इसके बाद यहां कोरोना के सिवा अन्य किसी भी बीमारी से पीड़ित मरीजों का इलाज अगले आदेश तक बंद रहेगा. फिलहाल एम्स में कोरोना आइसोलेशन वार्ड में संक्रमितों के लिए 50 बेड उपलब्ध हैं. कोरोना अस्पताल में तब्दील करने के लिए निदेशक की अध्यक्षता में अधीक्षक व एम्स के वरीय चिकित्सकों की एक बैठक हो चुकी है. बैठक में शामिल एक वरीय चिकित्सक के अनुसार, संस्थान को कोरोना अस्पताल में बदलने का निर्णय ले लिया गया है. जल्द ही यह कोरोना अस्पताल में तब्दील हो जाएगा.

जुलाई के अंत तक कोरोना के चरम पर होने की आशंका

राज्य में कोरोना संक्रमितों की तेजी से संख्या बढ़ रही है. इसे देखते हुए एम्स को कोरोना डेडिकेटेड अस्पताल बनाने का निर्णय लिया गया है. डॉक्टरों व स्वास्थ्य मंत्रालय के आकलन के अनुसार अगले कुछ दिनों में संक्रमण में और तेजी आएगी. जुलाई के अंत तक कोरोना अपने चरम पर हो सकता है. संक्रमितों के इलाज के लिए ज्यादा से ज्यादा बेड और चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ऐसी व्यवस्था की जा रही है. एम्स प्रशासन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भी इस निर्णय से अवगत करा दिया है. माना जा रहा है कि मंत्रालय से मंजूरी मिलते ही नई व्यवस्था शुरू हो जाएगी.

क्यों लिया जा रहा है निर्णय

एम्स निदेशक डॉ. प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि एम्स में सामान्य इमरजेंसी और कोरोना संक्रमित दोनों प्रकार के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. ऐसे में दोनों मरीजों के साथ पूरी तरह से न्याय नहीं हो पा रहा है. ऐसे में यह यदि कोविड अस्पताल होगा तो उनके लिए बेहतर होगा. यदि सामान्य मरीजों के लिए संचालन होगा तो उनके लिए बेहतर होगा. यही कारण है कि किसी एक तरह का समर्पित अस्पताल होने से मरीजों के साथ ज्यादा न्याय हो सकेगा.

इमरजेंसी मरीज भी अब नहीं होंगे भर्ती

कोरोना अस्पताल में तब्दील होने के बाद एम्स में इमरजेंसी मरीज भी भर्ती नहीं लिए जाएंगे. अभी यहां का सामान्य ओपीडी पिछले तीन महीने से पूरी तरह से बंद है. सिर्फ कोविड-19 जांच के लिए यहां एक अलग ओपीडी चल रहा है. इसके अलावा गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए इमरजेंसी सेवा यहां जारी थी. एम्स का इमरजेंसी बंद हो जाने के बाद ऐसे मरीजों का सारा दबाव पीएमसीएच और आईजीआईएमएस जैसे संस्थानों पर आ जाएगा.

Input – Livehindustan

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