पुरे देश में 12 सितंबर से 80 नई विशेष ट्रेनें शुरू की जाएंगी, आरक्षण 10 सितंबर से होगा शुरू


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MOI DESK : देश में 12 सितंबर से 80 नई विशेष ट्रेनें शुरू की जाएंगी और इन ट्रेनों में यात्रा के लिए आरक्षण 10 सितंबर से शुरू हो जाएगा. रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने शनिवार को बताया कि जल्‍द ही इस बारे में अधिसूचना जारी हो जाएगी. ये स्‍पेशल ट्रेनें मौजूदा वक्‍त में चल रही 230 ट्रेनों के अतिरिक्‍त होंगी. इन विशेष ट्रेनों के परिचालन की निगरानी की जाएगी. जरूरत के हिसाब से जहां भी नई ट्रेन की मांग होगी या लंबी प्रतीक्षा सूची होगी वहां क्लोन ट्रेनें चलाई जाएंगी.

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव (VK Yadav) ने बताया कि परीक्षाओं के लिए या ऐसे ही किसी उद्देश्य के लिए राज्य सरकारों से अनुरोध किए जाने पर ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा. उन्‍होंने यह भी बताया कि कोरोना संकट के चलते मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना अपनी तय समयसीमा दिसंबर 2023 तक पूरी नहीं हो सकेगी. इस संकट के चलते निविदाएं खोलने और भूमि के अधिग्रहण में देरी हुई है. यही नहीं परियोजना की लागत भी 1.08 लाख करोड़ से बढ़कर 1.70 लाख करोड़ रुपये होने की आशंका है.

समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक, नेशनल हाई स्पीड रेल कार्पोरेशन लिमिटेड ने अभी तक मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए 63 फीसद जमीन अधिग्रहीत की है. महाराष्ट्र के पालघर और गुजरात के नवसारी जैसे इलाकों में जमीन अधिग्रहण में अभी भी दिक्कतें हैं. पिछले साल कंपनी ने निर्माण कार्यों के लिए नौ निविदाएं जारी की थीं लेकिन महामारी की वजह से उन्‍हें नहीं खोला जा सका था. यादव ने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, पटरियों के किनारे से गार्बेज हटाने के लिए दिल्ली सरकार और रेलवे द्वारा संयुक्त रूप से संयुक्‍त रूप से कदम उठाए गए हैं.

बता दें कि कोरोना वायरस की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के दौरान रेलवे को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक, कोरोना संकट के चलते रेलवे ने मार्च से लेकर 23 अगस्‍त तक एक करोड़ 78 लाख से अधिक टिकट रद किए थे. इस दौरान रेलवे ने 2,727 करोड़ रुपये की राशि लोगों को रिफंड की थी. आरटीआई से सामने आए जवाब में कहा गया है कि रेलवे ने 25 मार्च से पांच महीने के दौरान कुल 1 करोड़ 78 लाख 70 लाख 644 टिकट रद किए थे.

रेलवे के इतिहास में यह पहला मौका था जब टिकट रिफंड की गई राशि, कमाई हुई राशि से ज्यादा पाई गई. रिपोर्ट के मुताबिक अकेले पश्चिम रेलवे को ही कुल 2,255 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ. इसमें उपनगरीय खंड को 339 करोड़ जबकि गैर-उपनगरीय रेलवे को 1,916 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. अब जब सरकार ने अनलॉक-4 की घोषणा कर दी है, रेलवे ने भी अपनी सेवाओं को गति देने में जुट गया है.

Input – Jagran

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