बांग्लादेश से तुलना पर राहुल गांधी को मोदी सरकार का करारा जवाब

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की तरफ से देश में प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद को लेकर निशाना साधने और बांग्लादेश की भारत से तुलना कर उसे आगे निकल जाने की भविष्यवाणी के बाद केन्द्र सरकार ने करारा जवाब दिया है. सरकार ने यूपीए और एनडीए के कार्यकाल की तुलना कर यह बताया कि किसके शासनकाल में कितनी प्रति व्यक्ति जीडीपी बढ़ी है.


सबसे पहले राहुल गांधी ने बुधवार को ट्वीट करते हुए प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद को एक ग्राफिक्स के साथ बांग्लादेश, भारत और नेपाल को दिखाया है. इसके साथ ही, राहुल ने कहा कि बीजेपी के छह वर्षों के दौरान घृणास्पद राष्ट्रीयता की बड़ी उपलब्धि. बांग्लादेश भारत से आगे निकलने के रास्ते पर.

उधर, समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाला से बताया कि साल 2019 में भारत की जीडीपी क्रय शक्ति के मामले में बांग्लादेश की तुलना में 11 गुणा ज्यादा थी जबकि जनसंख्या 8 गुणा ज्यादा. क्रय शक्ति के मामले में साल 2020 में भारत की प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के मुताबिक 6284 डॉलर है जबकि बांग्लादेश की 5139 डॉलर है.


सरकारी सूत्र ने आगे बताया कि आईएमएफ ने भारत की जीडीपी साल 2021 में 8.8 फीसदी बढ़ने का अनुमान लगाया है जो बांग्लादेश के 4.4 फीसदी का दोगुना है. मौजूदा सरकार में प्रति व्यक्ति जीडीपी साल 2014-15 में 83,091 से बढ़कर 2019-20 में 1,08,620 हो गई, यानी 30.7 फीसदी का इजाफा. जबकि, यूपीए-2 सरकार के दौरान यह 19.8 फीसदी की बढ़ोत्तरी थी.

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित भारतीय अर्थव्यवस्था में इस वर्ष के दौरान 10.3 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आने का अनुमान है. वहीं, इस दौरान विश्व अर्थव्यवस्था में 4.4 प्रतिशत की गिरावट और 2021 में 5.2 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि के साथ आगे बढ़ने का अनुमान व्यक्त किया गया है.

हालांकि, इसके साथ ही आईएमएफ ने कहा है कि 2021 में भारतीय अर्थव्यवस्था में संभवत: 8.8 प्रतिशत की जोरदार बढ़त दर्ज की जाएगी और वह चीन को पीछे छोड़ते हुए तेजी से बढ़ने वाली उभरती अर्थव्यवस्था का दर्जा फिर से हासिल कर लेगी. चीन के 2021 में 8.2 प्रतिशत वृद्धि हासिल करने का अनुमान है.


आईएमएफ ने अपनी ‘विश्व आर्थिक परिदृश्य पर जारी ताजा रिपोर्ट में ये अनुमान व्यक्त किये हैं. ये रिपोर्ट आईएमएफ और विश्व बैंक की सालाना वार्षिक बैठक से पहले जारी की गई हैं. इसमें कहा गया है कि 2020 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में 4.4 प्रतिशत की गिरावट आयेगी और 2021 में यह 5.2 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि हासिल करेगी.