बिहार चुनाव में बदले समीकरण में इन सीटों को बचाना कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती

Loading...
Mints of India Google News

BIHAR DESK : बदले समीकरण में कांग्रेस को पहले चरण के चुनाव में अपनी नौ सीटें बचाने की बड़ी चुनौती सामने होगी. हालांकि इनमें आठ सीटें पिछले चुनाव में इसकी जीती हुई हैं. जदयू के विधायक मुन्ना शाही के कांग्रेस में आ जाने से एक सीटिंग सीट बढ़ गई. पिछले विधानसभा चुनाव से इसबार का समीकरण कुछ अलग हो गया है.


2015 के चुनाव में कांग्रेस, राजद और जदयू साथ मिलकर लड़े थे. अधिसंख्य सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों के सामने थे भाजपा के उम्मीदवार तो कुछ पर LJP के प्रत्याशियों से भी टक्कर हुई थी. लिहाजा कांग्रेस का स्ट्राइक रेट 64 प्रतिशत था. 42 में 27 सीटें इस पार्टी ने जीत ली थी, लेकिन इस बार का चुनावी परिदृश्य कुछ अलग है.

भाजपा तो कांग्रेस के सामने है ही JDU भी उसके साथ विरोध में खड़ी है. इसके अलावा पिछले चुनाव में भाजपा के साथ मिलकर मैदान में उतरने वाली लोजपा और रालोसपा भी अलग से मैदान में खड़ी है. ये दोनों पार्टियां चुनाव को बहुकोणीय बनाने का प्रयास करेंगी.


11 सीटों पर तो परम्परागत प्रतिद्वंद्वी BJP से टक्कर

पहले चरण की 71 में से 21 सीटें कांग्रेस के खाते में गई हैं. इस बार इन 21 में से 11 सीटों पर तो कांग्रेसी उम्मीदवारों को अपने परम्परागत प्रतिद्वंद्वी भाजपा का सामना करना होगा, लेकिन पिछले चुनाव के दोस्त जदयू से कांग्रेस के सात उम्मीदवारों को दो-दो हाथ करने होंगे. तीन सीटों पर जदयू के साथी दल हम के उम्मीदवारों से भी इनका मुकाबला होगा. लिहाजा स्ट्राइक रेट बरकरार रखने के साथ जीती हुई सीटों को भी बचाना एक बड़ी चुनौती है.

Mints of India an Indian E-Media Website. Here We Provide Latest Breaking News Related to Political News in Hindi with All Types of News.