बिहार में 4 माह से बंद पड़े स्मार्ट बिजली मीटर लगाने का काम फिर होगा शुरू

Digital Prepaid Electricity Meter
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BIHAR DESK : बिहार में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर लगाने का काम फिर से शुरू किया जाएगा। कोरोना के कारण 4 महीनों से स्मार्ट मीटर लगाने का काम बंद है। आज-कल में कोरोना से बचाव को अपनाते हुए मीटर लगाने का काम शुरू किया जाएगा। अब तक बिहार में 51 हजार स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। कंपनी की कोशिश है कि अगले 2 वर्षोँ में 18 लाख से अधिक स्मार्ट बिजली मीटर लगा दिए जाएं।

बिहार में बिजली कंपनी के इंजीनियर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। कंपनी के आलाधिकारियों के निर्देश के बावजूद फील्ड में मीटर लगाने वाली एजेंसियों को जूझना पड़ रहा है। अधिकारियों को जब इस मामले की जानकारी मिली तब तक कोरोना का प्रकोप सामने आ गया। इस कारण मार्च से ही मीटर लगाने का काम बंद कर दिया गया। कोरोना का संक्रमण कब समाप्त होगा, इस पर अभी संशय की स्थिति है। वैसे भी कोरोना के बीच ही आम जनजीवन सामान्य होने लगा है। सावधानी के बीच दुकान-प्रतिष्ठान खुलने लगे हैं। इसलिए कंपनी ने तय किया कि अब इसी कोरोना के बीच ही सावधानी बरतते हुए स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू किया जाए। नियमानुसार मीटर लोगों के दरवाजे पर ही लगाया जाना है। इस कारण कंपनी बिना किसी संपर्क में आये ही मीटर लगाने का काम आसानी से कर सकेगी।

अधिकारियों के अनुसार बिहार में अब तक लगे 51 हजार स्मार्ट मीटर में से अकेले पटना शहर में ही 30 हजार से अधिक घरों में प्रीपेड मीटर लगाये गये हैं। बिजली कंपनी ने मीटर लगाने वाली केंद्र सरकार की एजेंसी ईईएसएल को एक लाख मीटर स्टॉक में रखने को कहा था। एजेंसी ने डेढ़ लाख मीटर का भंडारण सुनिश्चित कर लिया है। ऐसे में मीटर की अनुपलब्धता का कोई मामला नही है।

बिहार में चरणवार तरीके से किन-किन शहरों में मीटर लगाये जाएं, यह चिह्नित किया जा रहा है। अब तक दो दर्जन इलाकों में मीटर लगाए गए हैं। इनमें पटना के ही दर्जन भर मोहल्ले शामिल हैं। डेढ़-दो वर्षों में 18 लाख मीटर लगाए जाएंगे। इसके बाद चरणवार तरीके से बिहार के डेढ़ करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाये जाएंगे।

हो रहा कंपनी को लाभ

दलसिंहसराय में पिछले साल कंपनी को 22 लाख की आमदनी हुई थी। लेकिन, जैसे ही स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए 1 साल पहले की तुलना में कंपनी को उतने ही उपभोक्ताओं से 97 लाख की राजस्व वसूली हुई, जो एक रिकॉर्ड है। पूरे बिहार में मीटर लग जाए तो घाटे में चल रहे बिजली कंपनी भी मुनाफे में आएगी, जिससे भविष्य में लोगों को और सस्ती बिजली मिलेगी।

स्मार्ट प्रीपेड मीटर का लाभ

  • बिजली बिल न मिलने की समस्या खत्म
  • बिल जमा करने से छुटकारा
  • मीटर बन्द-चालू करने की सुविधा
  • खपत के अनुसार ही रिचार्ज कराना होगा