वाल्मीकि नगर गंडक बराज की दरकती ईंटों पर जब नीतीश ने पूछे सवाल

Nitish Kumar at valmikinagar
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BIHAR DESK : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को हवाई मार्ग से बाढ़ प्रभावित इलाकों का सर्वेक्षण किया. इस दौरान सीएम इंडो नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मिकी नगर गंडक बराज (Valmikinagar Gandak Barrage ) भी पहुंचे. जहां उन्होंने गंडक नदी पर बने बराज के फाटकों का निरीक्षण किया. साथ ही संबंधित अधिकारियों से बातचीत भी की.

बिहार के 16 जिलों सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पूर्वी चम्पारण, पश्चिम चंपारण, खगडिया, सारण, समस्तीपुर, सिवान, मधुबनी, मधेपुरा और सहरसा जिले के 124 प्रखंडों की 1185 पंचायत बाढ़ से प्रभावित हैं. बाढ़ के कारण विस्थापित लोगों को भोजन कराने के लिए 1402 सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की गई है जहां अबतक 1031783 लोगों ने भोजन किया है. दरभंगा जिले में सबसे अधिक 15 प्रखंडों के 202 पंचायतों की 1888040 आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई हैं.

बराज के फाटकों का सीएम ने किया निरीक्षण

Bhaisalotan Pul

मुख्यमंत्री ने इस दौरे पर वाल्मीकि नगर गंडक बराज नियंत्रण कक्ष में जल संसाधन विभाग और प्रशासन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की. उन्हें बाढ़ और कटाव से बचाव को लेकर बेहतर और नई तकनीक के जरिए काम करने का निर्देश दिया.

अधिकारियों को दिए खास निर्देश

मुख्यमंत्री ने इससे पहले पश्चिम चंपारण जिले के दियारा, भितहा चंद्रपुर समेत पीपी तटबंध और यूपी-बिहार सीमा पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया. इसके बाद मुख्यमंत्री इंडो नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मिकीनगर गंडक बराज पहुंचे, जहां उन्होंने बराज के प्रमुख जगहों का खुद से निरीक्षण किया.

बराज की स्थिति को लेकर अधिकारियों से की चर्चा

मुख्यमंत्री इस दौरान बेहद अलर्ट नजर आए, उन्होंने अधिकारियों से हर जरूरी सवाल पूछे. साथ ही खुद कई बार अलग-अलग जगह से बराज के फाटकों की जांच की.

क्यों अहम है सीएम नीतीश कुमार का ये दौरा

सीएम नीतीश कुमार का ये दौरा बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि इस बराज से बिहार समेत यूपी के कई इलाकों में गंडक नदी का पानी छोड़ा जाता है जिससे बाढ़ और कटाव से लोगों को दो-चार होना पड़ता है.

सीएम का अधिकारियों को बेहतर-नई तकनीक से काम करने का निर्देश

मुख्यमंत्री के इस दौरे से जल संसाधन विभाग और गंडक बराज के बेहतरीन संचालन समेत इसकी मरम्मत को लेकर अधूरे काम पूरे होने की उम्मीद बढ़ गई है. वहीं मुख्यमंत्री के दौरे से बाढ़ पीड़ितों को भी राहत की उम्मीद है.