सोनिया से मंगलवार को मिलेंगे मांझी, महागठबंधन बचाने की कांग्रेस की कवायद तेज

Sonia Gandhi Jitan Ram Manjhi
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बिहार में महागठबंधन बचाने की कवायद तेज हो गई है। हिंदुस्‍तानी आवाम मोर्चा (हम) के सुप्रीमो व पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतन राम मांझी के जनता दल यू (जदयू) में जाने की चर्चा के बाद कांग्रेस ने सोमवार को इसकी पहल की। कांग्रेस की राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को मिलने के लिए मांझी को न्‍यौता दिया। बताया जाता है कि साेनिया के इस न्‍यौेते को मांझी ने स्‍वीकार कर लिया है। मंगलवार को दोनों दिग्‍गज नेताओं की मुलाकात होगी।

दरअसल, बिहार के राजनीतिक गलियारे में इसकी चर्चा जोरों पर है कि पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी फिर से नीतीश कुमार की शरण में जाने की तैयारी में हैैं। नियमित रूप से वह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के संपर्क में हैैं। वहीं आधिकारिक तौर पर उनके जदयू में फिर से लौटने की घोषणा 25 जून को हो सकती है। ऐसी संभावना को देखते हुए जदयू के वरिष्ठ नेता व भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने भी कह दिया है कि जदयू में अगर मांझी लौटते हैैं तो उनका स्‍वागत है।

इसके बाद से बिहार की सियासत में अचानक हलचल मच गई। महागठबंधन के नेता डैमेज कंट्रोल में जुट गए। महागठबंधन को बिहार में बचाने के लिए कांग्रेस ने सोमवार की शाम में अचानक अपनी कवायद तेज कर दी। इस बाबत आनन-फानन में कांग्रेस की राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष साेनिया गांधी ने मांझी को मिलने का न्‍यौता दिया। बताया जाता है कि दोनों दिग्‍गज नेताओं की मुलाकात मंगलवार को दिल्‍ली में होगी। दोनों की बातचीत से क्‍या कुछ निकलता है, बात बनती है या नहीं, इस पर अभी कोई कुछ भी बोेलने को तैयार नहीं है।

गौरतलबअ है कि जीतन राम मांझी अभी महागठबंधन के एक घटक के रूप में हैैं। महागठबंधन में आने के पहले वह भाजपा के साथ थे। हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में इन दिनों वह राजद खासकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के खिलाफ सक्रिय हैं। उन्होंने राजद को यह अल्टीमेटम दे रखा है कि अगर 25 जून तक महागठबंधन में समन्वय समिति नहीं बनती है तो वह निर्णय लेने को स्वतंत्र है। इसी के बाद से चर्चा जोरों पर है कि मांझी 25 जून के बाद जदयू में जा सकते हैं। जदयू भी स्‍वागत के लिए तैयार है।