पटना में बनेगी एलिवेटेड सड़क, दूर हुईं गंगा पथ परियोजना की बाधाएं

राजधानी में दीदारगंज से दीघा तक निर्माणाधीन गंगा पथ परियोजना की तकनीकी बाधाओं को दूर कर लिया गया है। इसके लिए 736 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी देकर निर्माण कार्य को डेढ़ से ढाई वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लगभग 20।50 किमी लंबे दीदारगंज-दीघा पथ में नौजरघाट से
 
पटना में बनेगी एलिवेटेड सड़क, दूर हुईं गंगा पथ परियोजना की बाधाएं

राजधानी में दीदारगंज से दीघा तक निर्माणाधीन गंगा पथ परियोजना की तकनीकी बाधाओं को दूर कर लिया गया है। इसके लिए 736 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी देकर निर्माण कार्य को डेढ़ से ढाई वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लगभग 20।50 किमी लंबे दीदारगंज-दीघा पथ में नौजरघाट से दीदारगंज के बीच पुराने ठेकेदार के कार्य की धीमी गति को देखते हुए नया टेंडर निकाला गया। नया टेंडर अवार्ड भी हो गया है। वहां एलिवेटेड सड़क बनेगी। इसके निर्माण पर 605।07 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है।

इसके लिए मेसर्स जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को लेटर आॅफ एप्रुवल दिया गया है। पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने रविवार को बताया कि निर्माण ढाई वर्षों में पूरा करने का निर्देश दिया है। पीएमसीएच को गंगा पथ से मिलेगी कनेक्टिविटी : मंत्री नंद किशोर यादव ने बताया कि इसी प्रकार दीदारगंज-दीघा पथ के बीच छह स्थानों पर प्रस्तावित संपर्क पथ के निर्माण में अशोक राजपथ से व्यस्त संपर्कता के कारण चेंज आॅफ स्कोप के तहत कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए पीएमसीएच को गंगा पथ से खास कनेक्टिविटी दी जायेगी। मेसर्स गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड को काम के लिए अधिकृत किया गया है। 131 करोड़ रुपये खर्च होंगे और 500 दिनों के भीतर काम पूरा करने का निर्देश है।

गांधी सेतु के पुराने लेन पर बने गड्डों से वाहनों को आने-जाने में हो रही परेशानी हो रही है। इसके कारण रह-रह कर जाम लग रहा है। पिलर संख्या 38 से 46 के बीच स्थित इन गड्ढ़ों में दो को पिछले सप्ताह भरा गया, लेकिन आधा दर्जन से अधिक अब भी बने हुए हैं। इन गड्ढ़ों के पास जाते ही वाहनों की गति बेहद धीमी हो जाती है। इसके कारण उनके पीछे आ रहे वाहनों के बीच का अंतर घटते चला जाता है और लंबी कतार लगने लगती है। गड्ढों के साथ-साथ दो स्पैन के बीच स्थित एक्सटेंशन ज्वाइंट वाले जगहों पर भी सड़क टूट गयी या ऊंची-नीची हो गयी है, जिससे आनेजाने में परेशानी हो रही है। नये पश्चिमी लेन को चालू होने में अभी कम से कम एक महीना बाकी है। लिहाजा ऐसे स्थलों के जल्द से जल्द मरम्मत की जरूरत है ताकि पुल पर यातायात अवरोध को कम किया जा सके और वाहनों का स्मूथ परिचालन संभव हो सके।

input – prabhatkhabar

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