CM नीतीश ने विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- कुछ लोग भड़काएंगे, पर ये बात याद रखियेगा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा है कि जिसको काम की ना जानकारी है और ना समझ, वे उल्टा-पुल्टा बोलते रहते हैं. कुछ तो गांवों में जाकर लोगों को भड़काएंगे भी. पर, सबलोग याद रखिएगा. पहले क्या स्थिति थी और अब कितने काम हुए हैं. पहले गर्मी में भी गांव के
 
CM नीतीश ने विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- कुछ लोग भड़काएंगे, पर ये बात याद रखियेगा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा है कि जिसको काम की ना जानकारी है और ना समझ, वे उल्टा-पुल्टा बोलते रहते हैं. कुछ तो गांवों में जाकर लोगों को भड़काएंगे भी. पर, सबलोग याद रखिएगा. पहले क्या स्थिति थी और अब कितने काम हुए हैं. पहले गर्मी में भी गांव के रास्ते में कीचड़ दिखते थे.

सीएम नीतीश ने कहा कि अब राज्य के एक लाख 14 हजार, 621 वार्डों में से एक लाख 13 हजार 209 वार्डों में हर घर तक पक्की गली और नाली बन गई है. शेष वार्डों में भी शीघ्र निर्माण पूरा हो जाएगा. कुछ जगहों पर पेवर ब्लॉक भी लगे हैं. यह अच्छी चीज है, इससे बारिश का पानी जमीन के नीचे जाता है, जिससे भू-जल स्तर मेंटन में मदद मिलेगी. कहा कि कुछ लोग तो दायें-बायें करेंगे हीं. शराबबंदी से भी कुछ लोग नाराज है. पर, हमलोग अपना काम करते हैं.

हर घर नल का जल निश्चय योजना के रख-रखाव के लिए 58 हजार 500 वार्ड प्रबंधन एवं क्रियान्वयन समितियों को अब दो-दो हजार हर माह, अर्थात 24 हजार सालाना मिलेंगे. साथ ही, इस योजना के बेहतर संचालन के लिए हर वार्ड में चयनित अनुरक्षक को 500 की जगह एक हजार महीना बतौर रिटेनर शुल्क मिलेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की. एक अक्टूबर के प्रभाव से यह लागू होगा. पहले पंचायती राज विभाग द्वारा क्रियान्वित वार्डों की समितियों को एक हजार व अनुरक्षक को 500 रुपये महीना मिलता था.

मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इन दोनों निश्चय हर घर नल का जल और हर घर तक पक्की नाली और गली की 33 हजार 716 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन किया. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2009 और 2010 में अपनी यात्रा के दौरान खगड़िया, मुंगेर, भोजपुर आदि क्षेत्रों में आर्सेनिक, आयरन और फ्लोराइड प्रभावित पानी पीने से बीमार हुए लोगों को मैंने देखा था.

ये दृश्य मैं कभी भूलता नहीं हूं. तभी से मेरे मन में था कि कैसे सभी लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाये. वर्ष 2015 में मैंने हर घर नल का जल निश्चय योजना की शुरुआत की. शुरू में योजनाओं के क्रियान्वनय में थोड़ी दिक्कतें आई, पर अंतत: इसे सफल किया गया. अब लोगों के घरों में पानी को शुद्धकर आपूर्ति की जा रही है.

मुख्यमंत्र ने कहा कि 72 प्रतिशत से अधिक वार्डो में नल-जल पूरी कर ली गई है. शेष वार्डों में यह काम अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी. लेकिन इस योजना का लाभ लोगों को निरंतर मिलता रहे यह संबंधित विभागों के अधिकारी सुनिश्चित करें. ग्राम पंचायतों की भी यह जिम्मेदारी है कि इसका संचालन बेहतर ढंग से कराएं.

लोगों से आग्रह भी किया कि नल-जल योजना के तहत आपूर्ति हो रहे पानी का उपयोग पीने और भोजन पकाने में ही करें. अन्य कार्य के लिए कुओं और चापाकल के पानी का उपयोग करें. कुओं का जीर्णोद्धार और चापाकलों की मरम्मति का भी कार्य किया जा रहा है. लोगों को शुद्ध पेयजल मिले और वे खुले में शौच ना करें तो 90 प्रतिशत बीमारियों से लोगों को छुटकारा मिल जाएगा.

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