राजस्थान निगम चुनाव: पायलट और डोटासरा के गढ़ में BJP का कब्जा

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बिहार विधानसभा चुनाव, विधानसभा उप चुनाव और ग्रेटर हैदराबाद निगम चुनाव के बाद राजस्थान पंचायत चुनाव में भी कांग्रेस पार्टी का खराब प्रदर्शन का दौर जारी है. राजस्थान पंचायत चुनाव में राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के टोंक जिले में भी कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी है. इतना ही नहीं खुद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा अपने जिले सीकर में पार्टी को जीत नहीं दिला पाए.


वहीं, चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा अजमेर में, वन मंत्री सुखराम बिश्नोई सिरोही में, खेल मंत्री अशोक चांदना बंदी में, सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना चित्तौडगढ़ में और हरीश चौधरी बाड़मेर में पार्टी का जिला प्रमुख नहीं बनवा सके. गौरतलब है कि चुनावों में 10 मंत्रियों की साख दांव पर थी. इनमें से चार मंत्री ही अपनी प्रतिष्ठा बचा सके है. हालांकि बाड़मेर में भाजपा और कांग्रेस को बराबर सीट मिली है. ऐसे में वहां पर एक सीट पर जीत हासिल कर आए आरएलपी के उम्मीदवार पर निर्भर करेगा कि वहां कौन जिला प्रमुख होगा और किसका बोर्ड बनेगा?

पायलट के गढ़ में बीजेपी का कब्जा बरकरार

टोंक में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी ने जिला परिषद में अपना कब्जा बरकरार रखा है. वही बात करें पंचायत समिति चुनाव परिणाम की तो यहां की सात पंचायत समितियों में से 3-3 पर भाजपा-कांग्रेस ने जीत हासिल की है. जबकि एक पंचायत समिति में ना तो भाजपा को और ना ही कांग्रेस को बहुमत मिला है. ऐसे में वहां निर्दलीयों को साथ लेकर बोर्ड बनाना होगा. बता दें कि पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट टोंक विधानसभा क्षेत्र से विधायक है. टोंक जिला परिषद की 25 सीटों के परिणाम में कांग्रेस के 10 सदस्य जीते हैं. जबकि 15 सीट पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है.

चुनाव प्रचार में एक्टिव नहीं दिखे पायलट

बता दें कि पंचायत और जिला परिषद के चुनाव में सचिन पायलट ज्यादा एक्टिव नहीं दिखाई दिए. हालांकि चुनाव के दौरान ही वे कोरोना पॉजिटिव भी हो गए थे. ऐसे में कोविड गाइनलाइन के तहत भी वे प्रचार में नहीं जा सके.


सोशल मीडिया पर चुनाव को लेकर नहीं दी कोई प्रतिक्रिया

बता दें कि पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट सोशल मीडिया पर लगातार एक्टिव रहते है. लेकिन, चुनाव नतीजों के बाद उन्होंने चुनाव से जुड़ी कोई पोस्ट नहीं की. ना तो उन्होंने चुनाव जितने वालों को बधाई दी और ना ही टोंक के कार्यकर्ताओं के नाम कोई संदेश अपने सोशल मीडिया पर दिया.

केन्द्रीय मंत्री के बेटे रवि मेघवाल भी चुनाव हारे

इतना ही नहीं राजस्थान के चुनाव प्रचार में केंद्रीय मंत्रियों ने भी भाजपा उम्मीदवारों को जिताने के लिए अपनी ताकत चुनाव प्रचार में झोंक रखी थी. लेकिन, वे भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके हैं. केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के बेटे रवि मेघवाल ने भी चुनाव लड़ा था, लेकिन वे चुनाव हार गए. केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी बाड़मेर जिला परिषद में भाजपा का स्पष्ट बहुमत के साथ बोर्ड नहीं बनवा सके हैं.

इनका प्रदर्शन रहा अच्छा

राजस्थान में कांग्रेस की बात करें तो बांसवाड़ा में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री अर्जुन बामणिया, जैसलमेर में अल्पसंख्यक मामलात मंत्री शाले मोहम्मद, बीकानेर में उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी और उर्जा मंत्री बी डी कल्ला जिला परिषद में पार्टी को जीत दिलाने में सफल रहे हैं.


राजे का गढ़ हुआ फिर मजबूत

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के जिले झालावाड़ में भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहा है. यहां जिला परिषद चुनाव में तो भाजपा ने जीत हासिल की है. इसके साथ ही 8 में से 5 पंचायत समितियों में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला है.

Input News Source – Live Hindustan

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