गलवन घाटी में शहीद हुए कर्नल संतोष बाबू को महावीर चक्र से मरणोपरांत किया गया सम्मानित

  
col santosh babu accorded mahavir chakra posthumously
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Hindi News Desk: पूर्वी लद्दाख की बर्फीली गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से झड़प के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले कर्नल संतोष बाबू को महावीर चक्र सम्मान दिया गया. राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने संतोष बाबू की माता और पत्नि को वीरता पुरस्कार सौंपा. वहीं, उनके साथ आपरेशन स्नो लेपर्ड का हिस्सा रहे वीरगति को प्राप्त चार अन्य सैनिकों को भी वीर चक्र से सम्मानित किया गया.

नायब सूबेदार नूडूराम सोरेन, हवलदार के पिलानी, नायक दीपक सिंह और सिपाही गुरतेज सिंह भी इस आपरेशन का हिस्सा थे. वहीं, सोमवार को हुए अलंकरण समारोह में ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्तमान को वीर चक्र से सम्मानित किया गया था.


बीते साल 15 जून की रात को कर्नल संतोष बाबू गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से झड़प के दौरान शहीद हो गए थे. वह गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों की टुकड़ी का नेतृत्व कर रहे थे. इसी दौरान चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसका भारतीय सैनिकों की ओर से विरोध किया गया. इस दौरान कर्नल संतोष बाबू के नेतृत्व में भारतीय सैनिकों ने चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी का विरोध किया और कहा कि वे अपने इलाके में चले जाएं.

पूरी विनम्रता के साथ कर्नल संतोष बाबू ने चीनी सैनिकों को समझाया, लेकिन अपनी जमीन से एक इंच पीछे नहीं हटे. इसी दौरान चीनी सैनिकों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, लेकिन उसके आगे भी कर्नल संतोष डटे रहे. कर्नल संतोष की टुकड़ी ने चीनी सैनिकों को पीछे हटने पर मजबूर दिया था. इस घटना में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे. कई मीडिया रिपोर्ट्स में चीन के भी करीब 40 सैनिकों के मारे जाने की बात सामने आई थी. हालांकि चीन ने 4 से 5 सैनिकों के ही मारे जाने की पुष्टि की थी.

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