मुंबई से फिर पलायन: पुलिस ने डंडे बरसाए, लेकिन यूपी-बिहार के मजदूर रातभर स्टेशन पर डटे रहे

  
मुंबई में लॉकडाउन के संकेत के बाद भारी संख्या में मजूदरो का पलायन जारी!
फेसबुक पर ताजा खबरे पाने के लिए लाइक बटन दबाये!

NEWS DESK: कोरोना की पहली लहर में अचानक लॉकडाउन के बाद बड़े शहरों से घर लौटने वाले प्रवासियों की दिल दहला देने वाली तस्वीरें हम सबने देखी हैं। महामारी की तीसरी लहर में एक बार फिर ऐसा ही नजारा दिख रहा है। मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रवासी मजदूर डेरा जमाए हैं। यहीं से उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली ज्यादातर ट्रेनें रवाना होती हैं। मुंबई के प्रवासियों में बड़ी संख्या इन्हीं इलाके के लोगों की है।

पढ़े - राम मंदिर के लिए तैयार हुआ 400 किलो का ताला, जानिए अलीगढ़ में तैयार हुए इस टेल की खासियत

रेलवे स्टेशन पर प्रवासियों को पुलिस के डंडे खाने पड़े, ट्रेन का टिकट भी नहीं मिला। इसके बावजूद वे वहां से नहीं हिले। वजह साफ थी।। अगर मुंबई में लॉकडाउन लग गया, तो वे भूखे मर जाएंगे। ऐसे में सबकी कोशिश है कि कैसे भी लॉकडाउन से पहले अपने गांव-अपने घर पहुंच जाएं। मुंबई में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 20 हजार से ज्यादा केस मिले हैं। ऐसे में लॉकडाउन की आशंका से प्रवासी और खासतौर पर मजदूर बेहद डरे हुए हैं।

पढ़े - तेज आवाज के साथ फटी धरती, लोगो के उड़ गये होश, इलाके में सनसनी मची

गुरुवार रात से ही मुंबई के लोकमान्य तिलक स्टेशन पर प्रवासियों की भीड़ उमड़ने लगी थी। तीसरी लहर में कैसे घर जाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं लोग, ये जानने के लिए भास्कर रिपोर्टर गुरुवार रात 9 बजे से शुक्रवार सुबह 9 बजे तक उनके साथ रहे। मुंबई के लोकमान्य टर्मिनस पर गुरुवार रात 8 बजे से ही भीड़ बढ़ने लगी थी। इसमें ज्यादातर मजदूर वर्ग के लोग थे, जो शुक्रवार सुबह की ट्रेन के लिए लॉकडाउन के डर से देर रात ही स्टेशन पहुंच जाए थे। उनका कहना था कि यहां रुके तो भूखों मरने की नौबत आ जायेगी। ऐसे में यहां रहकर क्या करें?

रात से भीड़ के बढ़ने का सिलसिला जो शुरू हुआ वो सुबह भी जारी रहा। धीरे धीरे रात को भीड़ बढ़ने लगी। सिर पर बोरा, बैग और अटैची, बाल्टी लिए मजदूर लोग लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचने लगे। ज्यादातर की ट्रेन सुबह 5।25 बजे या उसके बाद की थीं, लेकिन लोग लॉकडाउन की दहशत के बीच रात को ही स्टेशन पहुंच गए।

From Around the web