PM मोदी ने मार्कशीट को बताया ‘Pressure Sheet’, बोले- इससे न हो छात्रों का मूल्यांकन

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy-2020) आने के बाद अब पूरा जोर इसके अमल को लेकर है. इसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 21वीं सदी में स्कूली शिक्षा के विषय पर देशभर के शिक्षकों को वर्चुअल संबोधित किया. इस दौरान पीएम ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति नए भारत की, नई उम्मीदों की, नई आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम है.

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इसके पीछे पिछले 4-5 वर्षों की कड़ी मेहनत है. उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए मार्कशीट ‘प्रेशर शीट’ और परिवारों के लिए ‘प्रेस्टीज शीट’ बन गई है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति का लक्ष्य इस दबाव को दूर करना है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल और सभी जिम्मेदार लोगों तक इसे पहुंचाने के लिए ‘शिक्षा पर्व’ का आयोजन किया जा रहा है. यह पर्व आठ से 25 सितंबर तक चलेगा.

21वीं सदी में स्कूली शिक्षा’ के विषय पर PM मोदी के संबोधिन की मुख्य बातें

  • 2022 में जब आजादी के 75 वर्ष पूरे होंगे तब भारत का हर स्टूडेंट राष्ट्रीय शिक्षा नीति द्वारा तय किए गए दिशा-निदेर्शों में पढ़े ये हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. मैं सभी शिक्षकों, प्रशासकों, स्वयंसेवी संगठनों और अभिभावकों से आहृवान करता हूं कि वे इस मिशन में अपना सहयोग दें: पीएम मोदी
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति की इस यात्रा के पथ-प्रदर्शक देश के शिक्षक हैं. चाहे नए तरीके से लर्निंग हो, विद्यार्थी को इस नई यात्रा पर लेकर शिक्षक को ही जाना है. हवाई जहाज कितना ही एडवांस हो, उड़ाता पायलट ही है. इसलिए सभी शिक्षकों को भी कुछ नया सीखना है और कुछ पुराना भूलना भी है: पीएम मोदी
  • पढ़ाई से मिल रहे इस तनाव से अपने बच्चों को बाहर निकालना राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रमुख उद्देश्य है. परीक्षा इस तरह होनी चाहिए कि छात्रों पर इसका बेवजह दबाव न पड़े. कोशिश ये होनी चाहिए कि केवल एक परीक्षा से विद्यार्थियों को मूल्यांकन न किया जाए: पीएम मोदी
  • सीख तो बच्चे तब भी रहे होते हैं जब वो खेलते हैं, जब वो परिवार में बात कर रहे होते हैं, जब वो बाहर आपके साथ घूमने जाते हैं. लेकिन अक्सर माता-पिता भी बच्चों से ये नहीं पूछते कि क्या सीखा? वो भी यही पूछते हैं कि मार्क्स कितने आए. हर चीज यहीं आकर अटक जाती है: पीएम मोदी
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति में छात्रों को कोई भी विषय चुनने की आजादी दी गई है. ये सबसे बड़े सुधार में से एक है. अब हमारे युवा को साइंस, आर्ट्स या कॉमर्स के किसी एक ब्रेकैट में ही फिट होने की जरूरत नहीं है. देश के छात्रों की प्रतिभा को अब पूरा मौका मिलेगा: पीएम मोदी
  • हमारी पहले की जो शिक्षा नीति रही है, उसने छात्रों को बहुत बांध कर रखा था. जो विद्यार्थी साइंस लेता है वो आर्ट्स या कोमर्स नहीं पढ़ सकता था. आर्ट्स और कोमर्स वालों के लिए मान लिया गया कि ये हिस्ट्री ज्योग्राफी और अकाउंट्स इसलिए पढ़ रहे हैं क्योंकि ये साइंस नहीं पढ़ सकते: पीएम मोदी
  • कितने ही प्रोफेशन हैं जिनके लिए गहन कौशल की जरूरत होती है, लेकिन हम उन्हें महत्व ही नहीं देते. अगर छात्र इन्हें देखेंगे तो एक तरह का भावनात्मक जुड़ाव होगा, उनका सम्मान करेंगे. हो सकता है बड़े होकर इनमें से कई बच्चे ऐसे ही उद्योगों से जुड़ें: पीएम मोदी
  • हमें शिक्षा में आसान और नए-नए तौर-तरीकों को बढ़ाना होगा. Engage, Explore, Experience, Express और Excel हमारे प्रयोग का मूलमंत्र होना चाहिए: पीएम मोदी
  • कुछ दिन पहले शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के बारे में देश भर के शिक्षकों से सुझाव मांगे थे. एक सप्ताह के भीतर ही 15 लाख से ज्यादा सुझाव मिले हैं. ये सुझाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति को और ज्यादा प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद करेंगे: पीएम मोदी
  • नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी नए भारत की, नई उम्मीदों की, नई आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम है. इसके पीछे पिछले 4-5 वर्षों की कड़ी मेहनत है, हर क्षेत्र, हर विधा, हर भाषा के लोगों ने इस पर दिन रात काम किया है. लेकिन ये काम अभी पूरा नहीं हुआ है: पीएम मोदी
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति के ऐलान होने के बाद बहुत से लोगों के मन में कई सवाल आ रहे हैं. ये शिक्षा नीति क्या है? ये कैसे अलग है. इससे स्कूल और कॉलेजों में क्या बदलाव आएगा. हम सभी इस कार्यक्रम में इकट्ठा हुए हैं ताकि चर्चा कर सकें और आगे का रास्ता बना सकें: पीएम मोदी
  • मुझे खुशी है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के इस अभियान में हमारे प्रधानाचार्य और शिक्षक पूरे उत्साह से हिस्सा ले रहे हैं. कुछ दिन पहले शिक्षा मंत्रालय ने देशभर के शिक्षकों से उनके सुझाव मांगे थे. एक सप्ताह के भीतर ही 15 लाख से ज्यादा सुझाव मिले हैं: पीएम मोदी
  • पिछले तीन दशकों में दुनिया का हर क्षेत्र बदल गया, हर व्यवस्था बदल गई. इन 3 दशकों में हमारे जीवन का शायद ही कोई पक्ष हो जो पहले जैसा हो. लेकिन वो मार्ग, जिस पर चलते हुए समाज भविष्य की तरफ बढ़ता है, हमारी शिक्षा व्यवस्था, वो अब भी पुराने ढर्रे पर ही चल रही थी: पीएम मोदी
  • आज हम सभी एक ऐसे क्षण का हिस्सा बन रहे हैं, जो हमारे देश के भविष्य निर्माण की नींव डाल रहा है, जिसमें नए युग के निर्माण के बीज पड़े हैं. नई शिक्षा नीति 21वीं सदी के भारत को नई दिशा देने वाली है: पीएम

मोदी इससे पहले सात सितंबर को भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर राज्यपालों और राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित कर चुके हैं. इसमें उन्होंने शिक्षा नीति के अमल का पूरा रोडमैप दिया था. साथ ही कहा था कि इसेलागू करने को लेकर ज्यादा लचीला रुख अपनाया जाए. मोदी इससे पहले भी कई मौकों पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल को लेकर अपनी बात रख चुके हैं. हालांकि, अब तक के आयोजनों में यह इसलिए भी अलग है, क्योंकि इनमें नीति लागू कराने वाली जमीनी टीम शामिल है.

Input – Jagran

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