‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने की पश्चिमी चंपारण के थारु समाज की बड़ाई, जानें क्यों

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BIHAR DESK : पीएम मोदी ने कहा कि बिहार के पश्चिमी चंपारण में सदियों से थारू आदिवासी समाज के लोग 60 घंटे के लॉकडाउन या उनके ही शब्दों में कहें तो ‘60 घंटे के बरना’ का पालन करते हैं. प्रकृति की रक्षा के लिए बरना को थारू समाज के लोगों ने अपनी परंपरा का हिस्सा बना लिया है और ये सदियों से है. इस दौरान न कोई गांव में आता है, न ही कोई अपने घरों से बाहर निकलता है.’

प्रधानमंत्री ने कहा कि थारु समाज के लोग ये मानते हैं कि अगर वो बाहर निकले या कोई बाहर से आया तो उनके आने-जाने से, लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियों से, नए पेड़-पौधों को नुकसान हो सकता है. बरना की शुरूआत में भव्य तरीके से हमारे आदिवासी भाई-बहन पूजा-पाठ करते हैं और उसकी समाप्ति पर आदिवासी परंपरा के गीत, संगीत, नृत्य जमकर के होते हैं.

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा कि अन्नदाता को नमन है. किसान को नमन है. किसानों ने कोरोना जैसे कठिन समय में अपनी ताकत को साबित किया है. हमारे देश में इस बार खरीफ की फसल की बुआई पिछले साल के मुकाबले 7 प्रतिशत ज्यादा हुई है. यही नहीं प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के आखिर में कहा कि कोरोना तभी हारेगा जब आप सुरक्षित रहेंगे, जब आप ‘दो गज की दूरी, मास्क जरूरी’, इस संकल्प का पूरी तरह से पालन करेंगे.

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